महाशिवरात्रि पर छत्तीसगढ़ के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार सुबह से ही छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। श्रद्धालु जल, बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
रायपुर के हटकेश्वर नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे से कतार

राजधानी रायपुर के खारुन नदी तट पर स्थित हटकेश्वर नाथ मंदिर में तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। दूर-दूर से आए भक्त जल और बेलपत्र लेकर मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं। पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने को मिला।
कवर्धा के भोरमदेव मंदिर में जनसैलाब

छत्तीसगढ़ के ‘खजुराहो’ के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है।
राजिम के कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में 3 बजे से पूजा
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में स्थित कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सुबह 3 बजे से ही भक्तों का तांता लगा रहा। यहां त्रिवेणी संगम पर जलाभिषेक किया जा रहा है। महाशिवरात्रि के साथ 15 दिनों तक चले राजिम कुंभ कल्प का भी समापन हो रहा है, जिसके चलते लाखों श्रद्धालु और विदेशी सैलानी पहुंचे हैं।
गरियाबंद के भूतेश्वरनाथ मंदिर में विशेष आकर्षण
गरियाबंद जिले के मरोदा गांव के जंगलों में स्थित भूतेश्वरनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग को विश्व के सबसे विशाल शिवलिंगों में गिना जाता है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है।
जांजगीर-चांपा के लक्ष्मणेश्वर मंदिर में सवा लाख चावल की परंपरा

खरौद स्थित लक्ष्मणेश्वर मंदिर में भी रात से ही भक्तों की लंबी कतार लगी है। यहां सवा लाख छिद्रों वाले शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित किया जाता है। खास बात यह है कि यहां शिवलिंग पर सवा लाख चावल के दाने चढ़ाने की अनोखी परंपरा है। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा छत्तीसगढ़ शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है।




