छत्तीसगढ़ में कोहरे का कहर, तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड, कई इलाकों में अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और शाम के समय घना कोहरा और धुंध देखने को मिल रही है। रायपुर, पेंड्रा, मैनपाट और सरगुजा संभाग के इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक तापमान जगदलपुर में 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 11.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
उत्तर छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। सुबह के समय विजिबिलिटी 10 से 20 मीटर तक सिमटने की स्थिति बन रही है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय भी हल्की धुंध बनी रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सुबह के समय कोहरे का असर जारी रह सकता है।
पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंड बढ़ गई है। मैनपाट में सुबह ओस जमकर बर्फ का रूप ले रही है। सरगुजा संभाग में लगातार घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी दिखाई दे रहा है। बीते एक महीने में अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के सैकड़ों मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात और छोटे बच्चों में ठंड के कारण शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाइपोथर्मिया एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का सामान्य तापमान सामान्य स्तर से नीचे चला जाता है। ठंडी हवा और नमी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खोता है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि ठंड के मौसम में आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। अचानक तापमान में बदलाव से सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में ठंड और हल्की गर्मी का मिला-जुला असर बना रहेगा और मौसम अधिकतर शुष्क ही रहने की संभावना है।





