जंगल किनारे कुओं को किया जाएगा सुरक्षित, हाथियों की सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे जाली और दीवार

जिले के जंगल क्षेत्रों में हाथियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जंगल किनारे स्थित कुओं को सुरक्षित बनाने के लिए उनके चारों ओर दीवार निर्माण और ऊपर लोहे की जाली लगाने की योजना बनाई गई है। इस पहल के तहत पहले चरण में 42 कुओं को चिन्हित कर सुरक्षित किया जाएगा।
जिले के जंगलों में साल भर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। पूर्व में कई बार हाथी शावकों के खुले कुओं में गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2025 में खरसिया और घरघोड़ा रेंज में ऐसी घटनाएं हुई थीं, जहां रात के समय हाथी शावक कुओं में गिर गए थे। बाद में वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला था।
इन घटनाओं से सबक लेते हुए विभाग ने कुओं के चारों ओर तीन फीट ऊंची दीवार बनाने और ऊपर से जाली लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। स्वीकृति मिलने के बाद अब इस पर अमल शुरू किया जाएगा। पहले चरण में चार रेंज के 42 कुओं को सुरक्षित किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 142 अन्य कुओं पर कार्य किया जाएगा।
वन विभाग का कहना है कि जिन कुओं के आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जंगल क्षेत्र में हाथियों और अन्य वन्य जीवों को दुर्घटनाओं से बचाना है।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में रायगढ़ वन मंडल के सभी रेंज के कुओं को सुरक्षित करने का अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





