कोल घोटाले में सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख आरोपी सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी को नियमित जमानत दे दी है। इससे पहले तीनों आरोपी अंतरिम जमानत पर बाहर थे। अदालत ने जमानत के साथ राज्य से बाहर रहने सहित अन्य शर्तों को भी बरकरार रखा है।
यह जमानत मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बगाची की पीठ ने मंजूर की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आरोपियों पर पहले से लागू प्रतिबंधों को जारी रखने का निर्देश दिया है।
सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी लंबे समय से अंतरिम जमानत पर थे। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले के एक अन्य मामले में सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार भी किया था। अब नियमित जमानत मिलने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है।
आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत में पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने विरोध में दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर की।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अब तक इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कुल 35 आरोपियों के खिलाफ पांच अभियोजन शिकायतें विशेष अदालत में दाखिल की गई हैं। एजेंसी के अनुसार अब तक 273 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
ईडी का दावा है कि कोयला परिवहन और परमिट व्यवस्था में हेराफेरी कर करीब 570 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध वसूली की गई। ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर व्यापारियों से वसूली की जाती थी।
इस मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों समेत 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है और आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं।





