दंतेवाड़ा में नक्सल साजिश नाकाम, सुरक्षा बलों ने IED विस्फोटक डंप किया बरामद

दंतेवाड़ा। जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के बारसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुफा के दुर्गम और जंगली पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए आईईडी विस्फोटक डंप को बरामद कर सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में किसी बड़े नक्सली हमले की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया।
यह संयुक्त अभियान Young Platoon/195 वाहिनी सीआरपीएफ, सीआरपीएफ बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और थाना बारसूर पुलिस द्वारा अंजाम दिया गया। कार्रवाई पोलसेंट सीजी सेक्टर से प्राप्त सटीक खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें ग्राम गुफा के वन क्षेत्र में आईईडी लगाए जाने की जानकारी मिली थी।
22 जनवरी 2026 को सूचना मिलने के बाद रणनीति तैयार की गई और 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 6 बजे से ग्राम गुफा व आसपास के पहाड़ी वन क्षेत्र में व्यापक डी-माइनिंग अभियान शुरू किया गया। अभियान में सहायक कमांडेंट हिमांशु के नेतृत्व में सीआरपीएफ की टीम और थाना बारसूर की सिविल पुलिस शामिल रही, जबकि समग्र नेतृत्व अनिल कुमार सिंह, कमांडेंट, 195 बटालियन ने किया।
सघन तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा रणनीतिक रूप से छिपाए गए विस्फोटक डंप को चिन्हित किया। मौके से
- एक डायरेक्शनल पाइप बम (डेटोनेटर सहित, लगभग 5 किलोग्राम)
- एक प्रेशर कुकर IED (करीब 15 मीटर वायर के साथ, लगभग 5 किलोग्राम)
बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन विस्फोटकों का उपयोग सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से किया जाना था। बरामद समस्त विस्फोटक सामग्री को BDDS टीम ने SOP के तहत मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई से जवानों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों और आम नागरिकों को होने वाली संभावित जान-माल की क्षति टल गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सल प्रभावित इलाकों में आईईडी का इस्तेमाल माओवादियों की आम रणनीति है, लेकिन इस तरह की कार्रवाइयां उनकी मंशा पर करारा प्रहार हैं। क्षेत्र में आगे भी नक्सल विरोधी सर्चिंग और डी-माइनिंग अभियान जारी रहेंगे। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





