छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार, फिर बढ़ेगी ठंड; बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ा

छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से 28 जनवरी को उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और जशपुर जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे प्रदेश में ठंड और बढ़ेगी। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा।
30 जनवरी के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड और तेज हो सकती है। खासकर पहाड़ी इलाकों में रात और सुबह के समय अधिक ठंड महसूस होगी। रायपुर समेत कई जिलों में सुबह धुंध और हल्का कोहरा छा सकता है, जबकि दिन में मौसम साफ रहने की संभावना है।
बीते कुछ दिनों से सरगुजा और आसपास के इलाकों में घना कोहरा और पाला पड़ने की स्थिति देखी जा रही है। मैनपाट और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में पौधों पर ओस जमकर बर्फ में तब्दील हो गई है। मैदानी इलाकों में भी सुबह के समय ठंड का असर बढ़ा हुआ है।
ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। बीते एक महीने में रायपुर समेत निजी और सरकारी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा हो जाता है, जिससे उनमें इस बीमारी का खतरा अधिक रहता है।
हाइपोथर्मिया एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य स्तर से नीचे चला जाता है। इससे शरीर के अंग ठीक से काम नहीं कर पाते और समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंडी हवा, नमी और ठंडे पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खो देता है।
रायपुर नगर निगम ने बढ़ती ठंड को देखते हुए शहर के कई इलाकों में अलाव जलाने की व्यवस्था की है। बेघर लोगों, राहगीरों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए रातभर अलाव जलाए जा रहे हैं। अधिकारियों को इसकी निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि तापमान में अचानक बदलाव से सर्दी, खांसी, वायरल फीवर और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में मलेरिया के खतरे को लेकर भी चेतावनी दी है। दिन में गर्मी और रात में ठंड बढ़ने से मच्छरों की गतिविधि बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
डॉक्टरों ने लोगों को सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत रखने की सलाह दी है। भाप लेना, नमक-पानी से गरारे करना, विटामिन सी युक्त आहार लेना और अदरक-तुलसी की चाय पीना फायदेमंद बताया गया है। इससे सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की जरूरत है।





