कांकेर में गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक पल: पहली बार घुड़सवार दल की परेड, 6 पूर्व नक्सली बने आकर्षण

कांकेर।उत्तर बस्तर के कांकेर जिले में इस वर्ष 77वां गणतंत्र दिवस समारोह सिर्फ हर्षोल्लास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इतिहास रचने वाला भी साबित हुआ। नरहरदेव स्कूल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में पहली बार घुड़सवारों (हॉर्स राइडर्स) का दल परेड का हिस्सा बना, जिसमें मुख्यधारा में लौटे 6 पूर्व नक्सली युवाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

सांसद भोजराज नाग ने ली परेड की सलामी
मुख्य अतिथि सांसद भोजराज नाग ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी और इसके बाद परेड का निरीक्षण किया। समारोह के दौरान पूरा मैदान देशभक्ति के नारों और जयकारों से गूंज उठा।
दहशत छोड़ सम्मान की राह: घोड़ों पर सवार पूर्व नक्सली
इस गणतंत्र दिवस का सबसे बड़ा आकर्षण हॉर्स राइडर्स का दल रहा। कभी हथियार उठाने वाले ये युवा अब घोड़ों पर सवार होकर हैरतअंगेज स्टंट करते नजर आए। महज 15 दिनों के कठिन प्रशिक्षण में घुड़सवारी सीखकर इन युवाओं ने दर्शकों को चकित कर दिया।
News 24 MPCG से बोले पूर्व नक्सली-‘यहां सम्मान है’
स्टंट के बाद पूर्व नक्सलियों ने News 24 MPCG से बातचीत में कहा,
“सरकार की पुनर्वास नीति हमें नई जिंदगी दे रही है। मुख्यधारा में लौटकर जो सम्मान मिला, वह जंगल की जिंदगी में कभी नहीं था।”
उन्होंने अब भी संगठन में सक्रिय साथियों से हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
झांकियों में दिखी बस्तर की पहचान और सड़क सुरक्षा का संदेश
परेड के बाद विभिन्न विभागों की आकर्षक झांकियां निकाली गईं-

•आदिवासी विकास विभाग: बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला और संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन
•पुलिस विभाग: ‘रोड सेफ्टी’ थीम पर आधारित झांकी से यातायात नियमों के प्रति जागरूकता
समारोह के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हॉर्स राइडर्स और स्कूली बच्चों को सम्मानित किया गया।





