बिलासपुर में सांसद जोनल मीटिंग, 4700 करोड़ की रेल परियोजनाओं पर हुआ मंथन

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण सांसद जोनल बैठक गुरुवार को बिलासपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में रेल विकास, यात्री सुविधाएं, सुरक्षा और छत्तीसगढ़ में चल रही हजारों करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने की।
इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 11 सांसदों को आमंत्रित किया गया था। इनमें से 4 सांसद स्वयं उपस्थित रहे, जबकि अन्य सांसदों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए। शुरुआत में जीएम तरुण प्रकाश ने सभी सांसदों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया और बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडल आते हैं, जहां यात्री सुविधाओं और अधोसंरचना विकास पर लगातार काम हो रहा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी स्टेशन विकास कार्य तय समय-सीमा में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए। साथ ही उन्होंने यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
तोखन साहू ने हाल ही में हुई क्रेन दुर्घटना का जिक्र करते हुए रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मामले की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 36 रेलवे स्टेशनों पर करीब 4700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों की प्रगति की समीक्षा पर जोर दिया। उन्होंने विश्रामपुर सहित कई स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव, प्लेटफॉर्म विस्तार और यात्री सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी।
वहीं जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े ने सक्ती क्षेत्र में ट्रेन स्टॉपेज की मांग पूरी होने पर खुशी जताई और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।
बैठक के अंत में रेलवे प्रशासन ने सांसदों को आश्वासन दिया कि सभी सुझावों और मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी, ताकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाया जा सके।





