उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर का असर, अंबिकापुर में पारा 4.7 डिग्री तक गिरा

छत्तीसगढ़ में ठंड का प्रकोप लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य क्षेत्र में अगले 24 घंटे तक शीतलहर चलने की संभावना जताई है। प्रदेश के कई हिस्सों में रात और सुबह कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है, जबकि दिन में तेज धूप निकलने से हल्की राहत मिल रही है।
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। सरगुजा, रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में शीतलहर का प्रभाव देखा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को मध्य भारत की ओर ला रहा है। ऊपरी हवा में चल रही तेज पश्चिमी हवाओं के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। जैसे-जैसे यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा, आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है।
सरगुजा और आसपास के इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। मैनपाट और पाट क्षेत्रों में ओस की बूंदें जमकर पाले में तब्दील हो गईं। मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर साफ नजर आया।
कड़ाके की ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी, वायरल फीवर और हाइपोथर्मिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और नवजातों में ठंड का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
शीतलहर को देखते हुए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जरूरत होने पर ही बाहर निकलें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था भी कई जगहों पर की गई है।





