कृषि विश्वविद्यालय की भर्ती पर बवाल, सुविधाएं न मिलने से नए कर्मचारियों ने उठाई आवाज

रायपुर (जसेरि)।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में हाल ही में होने वाली भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नए भर्ती हुए कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें भर्ती के बाद मिलने वाली जरूरी सरकारी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। इसी को लेकर कर्मचारियों ने मोर्चा खोलते हुए दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से शिकायत की है।
शिकायत में कहा गया है कि भर्ती नियमों के अनुसार आईसीएआर की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत और राज्य शासन व विश्वविद्यालय की 25 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन केवल आईसीएआर के 75 प्रतिशत नियम को ही 100 प्रतिशत मानकर भर्ती कर रहा है। इससे कर्मचारियों को प्रमोशन, क्रमोन्नति, पेंशन, चिकित्सा सुविधा और उच्च शिक्षा के लिए अवकाश जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि उन्हें 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया जाएगा, जबकि विश्वविद्यालय और शासन के अन्य नियमों में सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 65 वर्ष तय है। इससे भविष्य को लेकर कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्रों में भर्ती के लिए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा 27 दिसंबर 2024 को विज्ञापन क्रमांक 6073 जारी किया गया था। आरोप है कि यह विज्ञापन जारी करने से पहले राज्य शासन के वित्त विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। इसका सीधा असर चयनित कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन, एनपीएस, चिकित्सा भत्ता और सेवानिवृत्ति लाभ पर पड़ेगा।
कर्मचारियों के संगठन ने मांग की है कि व्यापक हित को देखते हुए इस भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और विज्ञापन क्रमांक 6073 की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, पहले से भर्ती हो चुके कर्मचारियों को सभी वैधानिक सरकारी सुविधाएं अविलंब प्रदान की जाएं।





