सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का अनमोल केंद्र : केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत

महासमुंद। भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज जिले के ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल सिरपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लक्ष्मण मंदिर, आनंद प्रभु कुटी विहार, तिवरदेव विहार, सुरंग टीला और स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिरपुर भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संरक्षण और विकास कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता और कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि यहां पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि सिरपुर आकर गौरव की अनुभूति होती है। यह ऐतिहासिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक नगरी हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा की पहचान है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहयोग करेगी। इस अवसर पर उन्होंने गंधेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान गंधेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना की और देश की समृद्धि की कामना की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने भोरमदेव कॉरिडोर के शुभारंभ की जानकारी भी दी।
इस दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए अपने सुझाव केंद्रीय मंत्री के सामने रखे। कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन और पुरातत्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि सिरपुर, जिसे प्राचीन काल में श्रीपुर या श्रिपुरा कहा जाता था, महानदी के तट पर बसी एक ऐतिहासिक नगरी है। इसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी तक फैला हुआ है। यहां हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े मंदिरों और विहारों के दुर्लभ अवशेष मिलते हैं, जो सिरपुर को एक अनोखा और महत्वपूर्ण धरोहर स्थल बनाते हैं।





