अयोध्या के महंत ने भूपेश बघेल को बताया रावण का दूसरा रूप, सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे

रायपुर/दुर्ग। बागेश्वर धाम के शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण के हिंदुत्व को लेकर उठे विवाद के बीच अयोध्या के महंत राजू दास ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रावण का दूसरा रूप बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि संतों और धार्मिक कथावाचकों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करना न केवल साधु-संतों का अपमान है, बल्कि लाखों सनातनियों की आस्था का भी सीधा हनन है।
महंत राजू दास ने यह टिप्पणी भिलाई में आयोजित हनुमंत कथा में की, जहाँ उन्होंने भूपेश बघेल द्वारा धीरेंद्र शास्त्री और पं. प्रदीप मिश्रा को भाजपा का एजेंट कहे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संतों का कार्य किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि समाज के पीड़ित, दुखी और परेशान लोगों के कल्याण के लिए होता है।
महंत ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी ने रामराज्य की परिकल्पना की थी। यदि कांग्रेस पार्टी वास्तव में गांधी के विचारों पर चलती है, तो सनातन परंपरा और संतों के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी कैसे उचित ठहराई जा सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा पर फिर हमला बोला। उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव और बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल को लेकर जंगल की कहानी के जरिए तंज कसा, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे सभी मिलकर एक बंदर को राजा बना देते हैं और शेर की मदद नहीं होती। भूपेश ने कहा कि यह स्थिति साव और अमर अग्रवाल के साथ भी समान है।
महंत राजू दास ने कहा कि धर्म और संतों का अपमान करने वाले बयान राजनीति के लिए नहीं, बल्कि समाज की आस्था के लिए खतरा हैं।





