छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का बढ़ता खतरा, तीन साल में 19 हजार से ज्यादा लोगों की गई जान

छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है। वर्ष 2023 से 15 नवंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,829 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 19,066 लोगों की मौत हुई, जबकि 35,761 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि हर साल दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।

राज्य में वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अक्टूबर 2025 तक छत्तीसगढ़ में 90 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। बेहतर सड़कें, ओवरस्पीड, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाना, साथ ही परमिट शर्तों का उल्लंघन, हादसों के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। इन्हीं हालातों को देखते हुए सरकार एक जनवरी से सड़क सुरक्षा माह चलाने की तैयारी कर रही है।

सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा लगातार चालानी कार्रवाई की जा रही है, इसके बावजूद दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है। अब राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 84 एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान की जा सके। ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण के लिए 16 स्टेटिक वे ब्रिज भी स्थापित किए गए हैं।

अनफिट वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और कोरबा में ऑटोमेटेड फिटनेस स्टेशनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, सूरजपुर, धमतरी, कांकेर और बालोद में नए फिटनेस स्टेशन स्थापित करने की योजना है।

परिवहन विभाग का कहना है कि हाईवे पेट्रोलिंग को अलर्ट किया गया है और चालकों से लगातार अपील की जा रही है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।

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