‘आई लव यू’ कहकर हाथ पकड़ना अपराध: बिलासपुर हाईकोर्ट ने सजा 3 साल से घटाकर 1 साल की

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी लड़की का हाथ पकड़कर ‘आई लव यू’ कहना और उसे अपनी ओर खींचने जैसा व्यवहार महिला की मर्यादा का उल्लंघन है और यह एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। हालांकि, पीड़िता की उम्र नाबालिग साबित न होने पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया गया। कोर्ट ने पहले दी गई 3 साल की सजा को कम करके 1 साल कर दिया है।
मामला रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र का है। घटना 28 नवंबर 2019 की है, जब एक लड़की स्कूल से लौट रही थी। तभी 19 वर्षीय रोहित चौहान नाम के युवक ने उसका हाथ पकड़कर “आई लव यू” कहा और उसे अपनी ओर खींचा। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज भी की। लड़की की बहन और दोस्त ने बीच-बचाव किया। डर के कारण लड़कियां वहां से छिपकर घर पहुंचीं और परिजनों को घटना बताई। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
रायगढ़ के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को IPC धारा 354 (महिला की मर्यादा भंग) और POCSO Act धारा 8 के तहत दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
जस्टिस एनके चंद्रवंशी की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान आरोपी के पक्ष ने तर्क दिया कि पीड़िता की उम्र साबित नहीं हुई है। स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि 15 जून 2005 दर्ज है, लेकिन पिता ने गवाही में 2003 बताया। न तो जन्म प्रमाणपत्र पेश किया गया और न आधार कार्ड। ऐसे में नाबालिग होना प्रमाणित नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने इसे सही माना और पॉक्सो एक्ट हटाते हुए धारा 8 के तहत की गई सजा रद्द कर दी।
हालांकि, कोर्ट ने माना कि लड़की का हाथ पकड़ना, उसे खींचना और ‘आई लव यू’ कहना महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। इसलिए IPC की धारा 354 के तहत अपराध साबित हुआ। इस आधार पर आरोपी की सजा 3 साल से घटाकर 1 साल कर दी गई। आरोपी फिलहाल जमानत पर है और अदालत ने उसे बाकी सजा पूरी करने के लिए सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि महिला की मर्यादा का मतलब उसकी गरिमा और सम्मान से है, और ऐसा कोई भी कृत्य जो यह सम्मान भंग करे, कानून के तहत दंडनीय है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया कि IPC की धारा 354 में दो साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।





