बांग्लादेश में मीडिया पर हमला, पत्रकारों की सुरक्षा अब अभिव्यक्ति की आजादी से ऊपर

बांग्लादेश में मीडिया की स्थिति गंभीर होती जा रही है, जहां पत्रकार अब अपनी जान की सुरक्षा को अभिव्यक्ति की आजादी से ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। ढाका में प्रमुख अखबार ‘प्रोथोम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ के कार्यालयों पर भीड़ ने हिंसक हमला किया, तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इस हमले के दौरान कई पत्रकार और कर्मचारी घंटों तक फंसे रहे, जिन्हें बाद में पुलिस और फायर ब्रिगेड ने सुरक्षित बाहर निकाला।
‘द डेली स्टार’ के संपादक महफूज आनंद ने बताया कि हमला किसी विशेष अखबार के खिलाफ विरोध जताने के लिए नहीं, बल्कि पत्रकारों और कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। हमलावरों ने आग लगाने से पहले पत्रकारों को बाहर निकलने का अवसर नहीं दिया। 26-27 पत्रकार इमारत की छत पर फंसे रहे, जबकि फायर ब्रिगेड को उन्हें बचाने में कठिनाई हुई।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि इस हमले के सिलसिले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हमलावरों ने आरोप लगाया था कि अखबार भारत और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के हितों की सेवा कर रहे हैं।
हालिया हिंसा की पृष्ठभूमि युवा नेता शरीफ ओस्मान हादी की हत्या है। हादी पिछले साल के लोकतंत्र समर्थक विद्रोह का प्रमुख चेहरा था और फरवरी में आम चुनाव का उम्मीदवार भी था। उनकी हत्या के बाद देशभर में हिंसा भड़क गई और अवामी लीग से जुड़े लोगों तथा अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए।
पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर बढ़ते हमलों ने यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेश में मीडिया को अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ रही है, और जिंदा रहना अब अभिव्यक्ति की आजादी से भी बड़ी चुनौती बन गया है।




