पत्नी की गला दबाकर हत्या के मामले में गूगल सर्च बना अहम सबूत, पति को उम्रकैद की सजा

रतलाम में पत्नी की हत्या के एक मामले में अदालत ने गूगल सर्च हिस्ट्री को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि मोबाइल पर की गई सर्चिंग से आरोपी की मंशा और अपराध के बाद की गतिविधियां स्पष्ट होती हैं।
मामले के अनुसार, ग्राम झरसंदला निवासी राकेश चौधरी और उसकी पत्नी बुलबुल के बीच अक्सर विवाद होता था। बुलबुल अपने पति की शराब पीने की आदत और देर रात घर लौटने का विरोध करती थी। इसी विवाद के चलते आरोपी ने पहले मारपीट की और बाद में पत्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने मोबाइल फोन के जरिए गूगल पर ऐसी जानकारियां खोजीं, जिनसे वह अपराध के सबूत मिटा सके। उसने यह सर्च किया कि पोस्टमार्टम में गला दबाने के निशान आते हैं या नहीं, यदि आते हैं तो उन्हें छिपाने के लिए कौन सी क्रीम इस्तेमाल की जा सकती है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में क्या-क्या होता है।
न्यायालय ने इन सर्च को महत्वपूर्ण परिस्थितिजन्य साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया। जांच के दौरान पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया था। हालांकि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन पुलिस द्वारा प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्य, मोबाइल सर्च हिस्ट्री और यह तथ्य कि मृतका को अंतिम बार आरोपी के साथ जीवित देखा गया था, कोर्ट में प्रमाणित हुआ।
इन सभी तथ्यों के आधार पर प्रधान सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।





