SIR सत्यापन में बड़ा खुलासा: बिलासपुर की वोटर लिस्ट से हटेंगे 3.65 लाख से ज्यादा नाम

बिलासपुर जिले में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान (SIR) के दौरान चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। जिला निर्वाचन विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में ऐसे नाम दर्ज थे, जिनका जमीनी हकीकत से कोई मेल नहीं था। अब इस गड़बड़ी पर सीधी कार्रवाई की तैयारी है।
रिपोर्ट बताती है कि जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 16 लाख 75 हजार मतदाताओं के नाम दर्ज थे। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन में सिर्फ 13 लाख 9 हजार नाम ही सही पाए गए। बाकी करीब 3 लाख 65 हजार नामों को वोटर लिस्ट से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
जांच में सामने आया कि चार बार सत्यापन के बावजूद 1 लाख 4 हजार से ज्यादा मतदाता अपने पते पर नहीं मिले। वहीं करीब 1 लाख 70 हजार लोग ऐसे निकले, जो स्थायी रूप से दूसरे इलाकों में बस चुके हैं, लेकिन उनका नाम अब भी पुरानी वोटर लिस्ट में दर्ज था।
सबसे गंभीर मामला मृत मतदाताओं का है। जिले में 71 हजार 752 ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में पाए गए, जिनका पहले ही निधन हो चुका है। अब इन सभी नामों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
विधानसभा-वार स्थिति देखें तो बिलासपुर शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आई, जहां करीब 35 प्रतिशत वोटर लिस्ट में खामियां पाई गईं। वहीं कोटा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची जिले में सबसे बेहतर मानी गई है।
प्रशासन का कहना है कि इस सघन सत्यापन अभियान के बाद मतदाता सूची ज्यादा साफ और भरोसेमंद बनेगी, जिससे फर्जी वोटिंग की आशंका खत्म होगी। अब देखना होगा कि आने वाले चुनावों में यह शुद्धिकरण कितना असरदार साबित होता है।





