कोयला घोटाला मामले में नवनीत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, चार महीने बाद मिली बड़ी राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में आरोपी नवनीत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का आदेश दिया है। नवनीत तिवारी पिछले करीब चार महीनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
नवनीत, चर्चित कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के रिश्तेदार हैं और जांच एजेंसियों के मुताबिक कोल लेवी सिंडिकेट में उनकी सक्रिय भूमिका बताई गई है। ईडी और ईओडब्ल्यू की जांच में आरोप है कि वह रायगढ़ क्षेत्र में कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करता था और यह रकम रायपुर भेजी जाती थी। उन पर बेनामी संपत्तियों के प्रबंधन में भूमिका निभाने के भी आरोप हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार नवनीत को वर्ष 2022 में इस केस में आरोपी बनाया गया था, जिसके बाद वह फरार हो गया था। जुलाई 2025 में आखिरकार ईओडब्ल्यू ने उसे गिरफ्तार किया था।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि नवनीत की गिरफ्तारी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और वह जांच में पूरा सहयोग करेगा। इन दलीलों के बाद अदालत ने उसे जमानत देने का फैसला सुनाया।
यह मामला राज्य के बहुचर्चित लगभग 570 करोड़ रुपये के कोयला लेवी घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कोयला परिवहन के दौरान अवैध वसूली का नेटवर्क चलाए जाने का आरोप है। फिलहाल मामला ट्रायल में है और जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं। जमानत मिलने के बाद भी नवनीत तिवारी को अदालत की शर्तों का पालन करना होगा।





