छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा की बड़ी छलांग: डबल सब्सिडी से बढ़ी योजना की रफ्तार, हजारों घरों में पहुंचे मुफ्त बिजली के लाभ

रायपुर। बढ़ती बिजली दरों और बढ़ते घरेलू खर्च के बीच फरवरी 2024 में केंद्र सरकार ने PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का लक्ष्य था—हर घर को ऊर्जा उत्पादक बनाना और लोगों को लगभग मुफ्त बिजली देना। छत्तीसगढ़ ने इस योजना को सबसे तेजी से अपनाने वाले राज्यों में जगह बनाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के साथ अतिरिक्त राज्य सब्सिडी देकर इसे और अधिक सुविधाजनक बना दिया है।

छत्तीसगढ़ में तेज़ी से लागू हुई योजना

योजना शुरू होते ही राज्य सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के ऊपर 30 हजार रुपये तक अतिरिक्त सहायता देने का फैसला लिया। अब तक 618 लाभार्थियों के खातों में 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे DBT के जरिए भेजी जा चुकी है।

राज्य ने इस मॉडल को “डबल सब्सिडी मॉडल” नाम दिया है, जिससे सोलर पैनल लगवाना बेहद सस्ता और आसान हो गया है।

देशभर में योजना की तेज़ प्रगति

अब तक पूरे देश में-

  • 47.3 लाख आवेदन मिले
  • 10 लाख से अधिक घरों में सोलर पैनल लग चुके
  • 6.13 लाख लोगों को 4,770 करोड़ की सब्सिडी
  • 3 गीगावॉट से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित

छत्तीसगढ़ इस अभियान में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है।

राज्य में सौर ऊर्जा से मिल रहा बड़ा लाभ

छत्तीसगढ़ में अब तक 12,500 से ज्यादा घरों में सोलर पैनल लग चुके हैं।

एक लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं, जिन पर काम जारी है।

कई घरों में बिजली बिल शून्य हो चुका है, जिससे लोगों के बजट पर बड़ा फर्क पड़ा है।

क्या है डबल सब्सिडी योजना?

राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सोलर संयंत्रों पर भारी सब्सिडी दे रही हैं-

  • 1 kW सिस्टम: ₹45,000 कुल सब्सिडी
  • 2 kW सिस्टम: ₹90,000 सब्सिडी
  • 3 kW सिस्टम: ₹1,08,000 सब्सिडी

इनसे हर महीने 120–360 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिल सकती है।

साथ ही 25 साल वारंटी और 5 साल फ्री सर्विस भी दी जा रही है।

राज्य का पहला सोलर विलेज-नाथूकोन्हा

धमतरी जिले का नाथूकोन्हा गांव छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज घोषित किया गया है।

गांव के सभी 27 आदिवासी परिवारों को पूरी तरह मुफ्त और निरंतर सौर बिजली मिल रही है।

योजना को बढ़ावा दे रहा ‘सूर्य रथ’

छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘सूर्य रथ’ नाम की मोबाइल वैन शुरू की है, जो गांव-गांव जाकर लोगों को सौर योजना की जानकारी दे रही है और उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित कर रही है।

2027 तक 5 लाख घरों का लक्ष्य

राज्य सरकार का कहना है कि 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाकर छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर राज्य बनाया जाएगा।

लोगों के अनुभव-बचत और लाभ दोगुना

  • बेमेतरा के धनेश गुप्ता ने घर और लॉज दोनों में सोलर लगाकर बिजली बिल लगभग शून्य कर दिया।
  • रायगढ़ के दिलीप कुमार और पत्थलगांव के सुभाष मिंज का भी खर्च लगभग खत्म हो गया है।

लोकों का कहना है कि यह योजना उनके लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण दोनों लेकर आई है।

सौर ऊर्जा छत्तीसगढ़ में अब सिर्फ विकल्प नहीं रही, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रही है।

सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है:

हर घर में सौर ऊर्जा, कम बिजली बिल और स्वच्छ ऊर्जा की ओर मजबूत कदम।

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