दवाइयों की एक देश-एक कीमत और एक्सपायरी मेडिसिन पर राष्ट्रीय नीति की मांग:सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समिति में दिए सुझाव

नई दिल्ली। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में देश की दवा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में दवाइयों की एक समान कीमत तय की जानी चाहिए, ताकि मरीजों और अस्पतालों को अलग-अलग राज्यों में दामों के अंतर की परेशानी न झेलनी पड़े।
सांसद अग्रवाल ने बताया कि यदि केंद्र स्तर पर एकीकृत मूल्य प्रणाली लागू हो जाए, तो राज्यों को बार-बार टेंडर की प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और मरीजों को दवाइयाँ आसानी से और किफायती दरों पर मिल सकेंगी।
उन्होंने एक्सपायरी दवाइयों के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई और सुझाव दिया कि इनका सुरक्षित निस्तारण करने की जिम्मेदारी उसी कंपनी की होनी चाहिए जो दवा बेचती है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बड़ी मात्रा में पड़ी एक्सपायरी दवाइयाँ पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं।
अग्रवाल ने मांग की कि खुले में दवा फेंकने पर कानूनी कार्रवाई हो और यदि किसी व्यक्ति को एक्सपायरी दवा से नुकसान होता है, तो संबंधित कंपनी को जवाबदेह ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि हर मरीज को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध कराना सरकार और संसद की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
समिति ने सांसद के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इन्हें आगे स्वास्थ्य मंत्रालय और संसद के स्तर पर विचार के लिए भेजा जाएगा। बैठक में सांसद अग्रवाल ने भरोसा दिलाया कि वे इन सुधारों को लागू कराने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।





