जल संरक्षण में राष्ट्रीय गौरव: रायगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया, राष्ट्रपति से मिला सम्मान

रायगढ़। जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में शानदार काम करते हुए छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले ने पूरे देश में नया इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 में रायगढ़ ने कैटेगरी-3 में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायगढ़ को सम्मानित किया। पुरस्कार केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जिला प्रशासन को सौंपा।
रायगढ़ को यह सम्मान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए किए गए लगातार प्रयासों, तकनीकी नवाचारों और जनता की सक्रिय भागीदारी के कारण मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस सफलता पर जिला प्रशासन और नागरिकों को बधाई दी। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने इसे पूरे जिले के लिए गर्व का पल बताया।
कैसे बदला रायगढ़ में जल संरक्षण का अंदाज़
रायगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जल संरक्षण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया।
2000 से अधिक तालाबों का गहरीकरण और मरम्मत
102 अमृत सरोवरों का निर्माण
चेकडैम, स्टॉपडैम, पर्कुलेशन टैंक और अन्य संरचनाओं का विस्तार
इन कार्यों से भू-जल स्तर में लगातार सुधार हुआ और कई सूखे जल स्रोत फिर से जीवित हो गए। इससे खेती-किसानी को भी बड़ी राहत मिली।
मनरेगा और विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से-
14,000 से अधिक सोख्ता गड्ढे
2,000 तालाबों की खुदाई और गहरीकरण
1,500 नई डबरियों का निर्माण
20,000 से अधिक वर्षाजल संरक्षण कार्य
किए गए, जिससे यह अभियान जन-भागीदारी का मजबूत उदाहरण बन गया।
जल शक्ति मंत्रालय की टीम ने जिले का निरीक्षण कर 60% कार्यों को जांचा और रिपोर्ट से संतोष जताया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान मिला। केंद्र सरकार ने इसके लिए 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।
आज रायगढ़ जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक प्रेरक मॉडल बन चुका है। यह सम्मान सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि जिले की मेहनत, जागरूकता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।





