कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं में दवा खरीदी घोटाले का खुलासा, श्रम मंत्री ने ब्रांडेड दवाओं की खरीदी पर रोक लगाई

रायपुर। राज्य कर्मचारी बीमा सेवाओं (ESIS) में ब्रांडेड दवाइयों की खरीद के नाम पर बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने वर्ष 2025-26 के लिए मंगाए गए ब्रांडेड दवाओं के इंडेंट को तुरंत निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही संचालक, राज्य कर्मचारी बीमा सेवाएं को कमीशनखोरी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह मुद्दा उस समय सामने आया जब पूर्व मंत्री और विधायक ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर आरोप लगाए कि ESIS में जेनेरिक दवाओं की जगह ब्रांडेड दवाओं की खरीद कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक 5 करोड़ की दवाइयों को 50 करोड़ रुपए में खरीदा गया, वह भी उन ब्रांडों की जो बाजार में कम चलती हैं और एक्सपायरी के करीब होती हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दवा कंपनियों की इन ब्रांडेड दवाओं पर 50 से 60 प्रतिशत कमीशन मिलता है, जिसके चलते अधिकारियों और कंपनियों की मिलीभगत से यह खेल कई वर्षों से चल रहा है।
मंत्री के आदेश के बाद संचालक ने सभी औषधालयों से 2025-26 में प्राप्त दवाओं की जानकारी गूगल शीट में मांगी है और निर्माता कंपनियों द्वारा भेजी जा रही दवाएं फिलहाल न लेने का निर्देश भी दिया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों पर कमीशनखोरी के आरोप हैं, उन्हीं से जांच कराई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निष्पक्ष जांच के लिए मुख्य सचिव को किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को यह जिम्मेदारी देनी चाहिए।
सरकार के नियमों के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में जेनेरिक दवाओं के उपयोग का निर्देश है और खरीद सीजीएमएससी के माध्यम से की जानी चाहिए। इसके बावजूद ESIS में वर्षों से ब्रांडेड दवाएं महंगे दामों पर खरीदी जा रही हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन भी हुआ है।
शिकायतों के अनुसार सिर्फ 2024-25 में ही ब्रांडेड कंपनियों से भारी मात्रा में ऐसी दवाएं खरीदी गईं जो बाजार में नहीं बिकतीं और कंपनियां इन्हें कमीशन देकर खपाती हैं। बताया जा रहा है कि इस खरीद में प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपए से अधिक का भ्रष्टाचार होता है।
मामला अब गंभीर होता जा रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।





