Convocation Ceremony: डॉ.सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी कोटा में हुआ भव्य द्वितीय दीक्षांत समारोह
Convocation Ceremony: राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा रहे मुख्य अतिथि

आज 17 अक्टूबर को बिलासपुर जिले के कोटा स्थित डॉ. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी का परिसर गौरव और उत्साह से सराबोर नजर आया।(Convocation Ceremony) अवसर था विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन सम्पन्न हुआ जहां विद्यार्थियों के चेहरों पर सफलता की चमक और भविष्य के सपनों की उज्ज्वल किरणें झिलमिला रहीं थीं।
रमेन डेका बोले- मातृ भाषा का सम्मान ही सच्ची शिक्षा का परिचय,Convocation Ceremony
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, अति विशिष्ट अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, और छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। (Convocation Ceremony)मंच पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संतोष चौबे, कुलसचिव,प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक एवं अतिथि मौजूद थे।समारोह की शुरुआत शैक्षणिक परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ हुई। इस अवसर पर लगभग 195 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, वहीं 189 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। जैसे ही मेडल और डिग्रियां मंच से विद्यार्थियों के हाथों तक पहुंचीं, पूरे परिसर में तालियों की गूंज से माहौल रोमांचित हो उठा।मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा की कोई भी भाषा खराब नहीं होती, हर भाषा अपनी जगह अच्छी होती है। सबसे महत्वपूर्ण है कि हम अपनी मातृभाषा को जानें, समझें और सम्मान दें।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि अपने स्किल और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दें। राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर में ज्ञान के साथ व्यवहारिक कौशल ही व्यक्ति को आगे ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी सफलता ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार बनेगी।
शिक्षा और संस्कार का संगम, ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत अतिथियों को दिए पौधे,Convocation Ceremony
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा हर विद्यार्थी को अपने बेहतर भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। जब आप अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे, तो आपके साथ-साथ देश और प्रदेश का नाम भी रोशन होगा।उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी अगर ईमानदारी और मेहनत के साथ आगे बढ़ेगी तो भारत निश्चित रूप से विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर रहेगा।उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री प्राप्त करने का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन अपने भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करने का संकल्प लेने का दिन है।उन्होंने कहा कि मेहनत, उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता और नवाचार यही वे चार स्तंभ हैं, जिन पर मजबूत भारत की नींव टिकेगी।
मंत्री टंकराम बोले डिग्री नही यह जिम्मेदारी का दौर है
समारोह के समापन पर सभी अतिथियों को विश्वविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह और ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।(Convocation Ceremony) यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण भी शिक्षा का एक अहम हिस्सा है।आज का यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि यह इस बात का प्रतीक भी रहा कि छत्तीसगढ़ की धरती अब ज्ञान, कौशल और नवाचार की नई दिशा में अग्रसर है।डॉ. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यहां शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती है।





