धमतरी जिले में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में जल जीवन मिशन बना मिसाल

छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला आज जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। “हर घर जल-हर घर मुस्कान” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। ग्रामीण अंचलों में नल जल योजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे अब अधिकांश घरों में शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है।
धमतरी जिले के 623 गांवों में से 596 गांवों ने रिपोर्टिंग पूरी कर ली है, जिनमें से 448 गांवों को “हर घर जल” के रूप में प्रमाणित किया गया है। जिले के चारों ब्लॉकों — धमतरी, कुरूद, नगरी और मगरलोड — में योजनाओं का समान वितरण किया गया है। इन योजनाओं से अब तक 1.55 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार लाभान्वित हुए हैं।
जलापूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को जल परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों की सैकड़ों सदस्याएँ फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। सभी प्रमाणित गांवों में सार्वजनिक जल आपूर्ति प्रणालियाँ पूरी तरह कार्यशील हैं, जिनकी निगरानी रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से की जा रही है।
नगरी ब्लॉक की सांकरा और घटुला समूह जल आपूर्ति योजनाओं के तहत करीब 29 हजार घरों को जोड़ा जा रहा है। इन योजनाओं से ग्रामीणों को स्थायी जल सुरक्षा के साथ सामुदायिक सशक्तिकरण भी मिल रहा है।
इसके अलावा, 115 लाभार्थियों को पंप ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 69 लोगों को प्रमाणपत्र भी मिल चुका है। शासन की ओर से ₹2 लाख तक की ऋण सुविधा देकर इन्हें स्व-रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि हर घर तक जल पहुंचाना केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि लोगों की जीवनशैली सुधारने का संकल्प है। धमतरी जिले ने 448 प्रमाणित गांवों और लाखों लाभार्थी परिवारों के साथ यह साबित कर दिया है कि सामूहिक प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर लक्ष्य संभव है।





