रायपुर में पार्किंग ठेकेदारों का बड़ा खेल: करोड़ों की जीएसटी चोरी, सरकार सख्त

रायपुर। राजधानी के एयरपोर्ट, एम्स, अंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे बड़े सार्वजनिक स्थलों पर पार्किंग ठेकेदार खुलेआम जीएसटी चोरी कर रहे हैं। यहां साइकिल, बाइक और कार पार्किंग के लिए क्रमशः 10, 20 और 80 रुपए वसूले जा रहे हैं, लेकिन जो रसीद दी जाती है वह सादे कागज पर होती है, उसमें न तो जीएसटी नंबर होता है, न ही पंजीयन क्रमांक। इससे वाहन चोरी या नुकसान की स्थिति में लोगों को क्लेम करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन ठेकेदारों द्वारा हर महीने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की जा रही है, जिससे सरकार को भारी नुकसान हो रहा है।

इधर, सरकार टैक्स चोरी रोकने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) में बदलाव किया गया है, जिसके बाद ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अब जीएसटी नेटवर्क (GSTN) से सीधे जानकारी साझा कर सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी करने वालों पर आसानी से नकेल कसी जा सकेगी और राजस्व की वसूली तेज़ होगी।

सरकार ने पहले भी ईडी को 15 अन्य संस्थाओं के साथ जानकारी साझा करने की अनुमति दी थी, जिसमें अब जीएसटीएन को जोड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इसमें सीबीआई, आरबीआई, आईआरडीएआई और एफआईयू जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि नए नियम से बड़े पैमाने पर हो रही टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

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