छत्तीसगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत खस्ताहाल, सुधार के लिए उठने लगे आवाज़ें

छत्तीसगढ़। प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति इस समय बेहद दयनीय बताई जा रही है। आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही और अव्यवस्थाओं की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार अब तक इन्हें प्रभावी बनाने की दिशा में गंभीर कदम नहीं उठा पाई है।
जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों में नई इमारतों का निर्माण, प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति, नियमित सफाई और मरीजों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की जरूरत है। साथ ही पुलिस सहायता केंद्र भी खोले जाने चाहिए, ताकि असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा सके।
विशेषज्ञों ने आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र, ब्लड बैंक, दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, स्ट्रेचर और एम्बुलेंस जैसी सुविधाओं की भी अनिवार्यता बताई है। इसके साथ ही सरकार को औचक निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मरीजों की सुविधा के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग भी उठी है, ताकि मरीजों का पंजीयन आसान हो और उन्हें लंबी कतारों से राहत मिल सके।




