रायपुर में नशे का कारोबार बेकाबू, ‘निजात’ अभियान पर उठ रहे सवाल

रायपुर। राजधानी में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है। पुलिस की सख्ती और एसएसपी संतोष सिंह के ‘निजात अभियान’ के बावजूद शहर के कई हिस्सों में गांजा, चरस और अन्य नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। हालात ये हैं कि थानों और सरकारी दफ्तरों के आसपास तक पान ठेलों पर गंजे की सिगरेट बिक रही है।
शनिवार और रविवार को बड़े होटलों और फार्म हाउसों में नशे की पार्टियां धड़ल्ले से आयोजित की जा रही हैं। इनमें नशे के साथ डांस पार्टियां होती हैं और बार बालाओं के डांस तक कराए जा रहे हैं। होटल मालिकों के रसूख के आगे पुलिस कार्रवाई करने से पीछे हट जाती है।
पुलिस का ‘निजात अभियान’ कई युवाओं को नशे से दूर करने में सफल रहा है। सैकड़ों युवाओं ने काउंसिलिंग के बाद नशा छोड़कर सामान्य जीवन शुरू किया है। बावजूद इसके, शहर में नशे का धंधा रुक नहीं रहा। थानों के स्टाफ पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को बचाने के लिए सरकार को नशा पार्टी और नाइट क्लबों पर सख्त नियम बनाने होंगे और पुलिस को बेखौफ कार्रवाई करनी होगी। तभी राजधानी को नशे के इस जाल से निकाला जा सकेगा।





