रायपुर में आंगनबाड़ी और एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से बढ़ी परेशानी, सड़कों पर जाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग से जुड़े कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। जहां एक तरफ नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मियों की हड़ताल जारी है, वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं भी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले महीने 7 तारीख से हड़ताल पर हैं।
आंगनबाड़ी कर्मियों की योजना आज रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की थी और वे नया रायपुर स्थित तूता में धरना देने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसकी वजह से रायपुर आने वाले कई रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई। महासमुंद टोल, बेरला रोड और गरियाबंद रोड पर जगह-जगह वाहन फंसे रहे। हालांकि पुलिसकर्मी मौके पर तैनात होकर यातायात को सुचारू करने की कोशिश करते रहे।
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की बिलासपुर शाखा ने कलेक्टर को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि 50 साल से सेवा देने के बाद भी उन्हें न तो कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही श्रमिक का। न्यूनतम मजदूरी, पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि अक्टूबर 1975 से आईसीडीएस की स्थापना के बाद से वे लगातार सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचा रही हैं। देशभर में इनकी संख्या करीब 27 लाख है।





