जम्मू-कश्मीर में बादल फटा और भूस्खलन, 10 की मौत, कई लोग लापता

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने कहर बरपा दिया है। रामबन और रियासी जिलों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने कई परिवारों की जिंदगी छीन ली। रामबन के राजगढ़ इलाके में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। अचानक आई बाढ़ से कई मकान जमींदोज हो गए और कुछ पूरी तरह बह गए। दूसरी ओर रियासी जिले के महौरा क्षेत्र में भूस्खलन से सात लोगों की जान चली गई। पहाड़ से गिरे मलबे ने एक घर को पूरी तरह दबा दिया, जिसमें परिवार के सभी सदस्य मारे गए।
घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि भारी बारिश के चलते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में रिलीफ कैंप भी बनाए गए हैं।
सोमवार से अब तक जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन से कुल 54 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कटरा में 34, रियासी में 7, रामबन में 3, जम्मू में सेना और बीएसएफ के 5 जवान, डोडा में 4 और कठुआ में एक व्यक्ति की मौत हुई। इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ में भी बादल फटने की घटना हुई थी, जिसमें करीब 60 लोगों की जान चली गई थी।
लगातार हो रही बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगह सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे यातायात बाधित है। खेतों में लगी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।





