भूस्खलन के चलते जगदलपुर के लिए 27 जुलाई तक नहीं आएंगी ट्रेनें, कोरापुट तक ही चलेंगी

जगदलपुर। बस्तर से ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली करीब 10 ट्रेनें इस बार भी जगदलपुर और किरंदुल तक नहीं पहुंचेंगी। रेलवे ने इन ट्रेनों को 23 जुलाई से 26–27 जुलाई तक के लिए कोरापुट तक ही सीमित कर दिया है। यानी ये ट्रेनें अब कोरापुट से आगे नहीं जाएंगी और वहीं से लौटेंगी। दरअसल, लगभग 20 दिन पहले मल्लीगुड़ा और जड़ती स्टेशन के बीच भूस्खलन हुआ था। रेलवे ने रास्ता तो साफ कर दिया, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित होने तक वहां काम जारी रखने का फैसला लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभी और कुछ दिन तक ट्रेनों का संचालन सीमित रहेगा। इससे पहले भी 11 से 20 जुलाई तक ट्रेनें रद्द थीं, अब तारीख बढ़ाकर 26–27 जुलाई तक कर दी गई है। इससे जगदलपुर और किरंदुल आने-जाने वाले यात्रियों को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ेगी।
कौन-कौन सी ट्रेनें प्रभावित हुईं?
रेलवे ने जिन ट्रेनों को कोरापुट तक ही चलाने का निर्णय लिया है, उनमें प्रमुख ट्रेनों के नाम और उनकी तारीखें इस तरह हैं –
ट्रेन संख्या 18515 विशाखापट्टनम–किरंदुल नाइट एक्सप्रेस 23 और 24 जुलाई को कोरापुट में ही समाप्त होगी।
ट्रेन संख्या 18516 किरंदुल–विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस 24 से 26 जुलाई तक कोरापुट से ही चलेगी।
ट्रेन संख्या 58501 विशाखापट्टनम–किरंदुल पैसेंजर 23 से 26 जुलाई तक कोरापुट में समाप्त होगी।
ट्रेन संख्या 58502 किरंदुल–विशाखापट्टनम पैसेंजर 23 से 26 जुलाई तक कोरापुट से चलेगी।
ट्रेन संख्या 18005 हावड़ा–जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस 23 से 25 जुलाई तक कोरापुट में समाप्त होगी।
ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर–हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 25 से 27 जुलाई तक कोरापुट से चलेगी।
ट्रेन संख्या 18107 राउरकेला–जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 23 से 25 जुलाई तक कोरापुट में समाप्त होगी।
ट्रेन संख्या 18108 जगदलपुर–राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस 24 से 26 जुलाई तक कोरापुट से चलेगी।
ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर–जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस 23 से 25 जुलाई तक कोरापुट में समाप्त होगी।
ट्रेन संख्या 18448 जगदलपुर–भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 24 से 26 जुलाई तक कोरापुट से चलेगी।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें और अपडेट देखते रहें। सुरक्षा का काम पूरा होते ही ट्रेनें फिर से जगदलपुर और किरंदुल तक चलाई जाएंगी।





