नींबू सेहत का खज़ाना है या इसमें छुपा है खतरा? जानिए इसका सही इस्तेमाल

नींबू — एक ऐसा साधारण सा फल जो स्वाद, सेहत और सुंदरता तीनों में काम आता है। विटामिन C से भरपूर नींबू ना सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाता है बल्कि पाचन, वज़न घटाने और स्किन हेल्थ में भी मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींबू का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है?
आइए जानें नींबू के फायदे, नुकसान और सही इस्तेमाल का तरीका।
नींबू के फायदे:
विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है साथ ही इम्युनिटी बूस्ट करता है
सर्दी-ज़ुकाम और वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है,पाचन को बेहतर बनाता है, गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देता है
पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, सुर मेटाबॉलिज्म और वज़न घटाने में मददगार होता है यही नहीं शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है
स्किन को ग्लोइंग बनाता है,इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को निखारते हैं,डार्क स्पॉट्स और पिग्मेंटेशन में मदद हटाने में मदद करता है
आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है, दाल या हरी सब्ज़ियों में नींबू मिलाने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है
नींबू के नुक्सान-
इसका ज्यादा इस्तेमाल आपके दांतों के इनेमल को खराब कर सकता है, जिससे दांतों में सेंसिटिविटी और कैविटी का रिस्क बढ़ जाता है.
ऐसे में जरूरी है कि नींबू वाला पानी पीने के बाद सादे पानी से कुल्ला करें या स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें.जिन लोगों को पहले से एसिडिटी या हार्टबर्न की प्रॉब्लम है,
उन्हें ज्यादा नींबू का सेवन नहीं करना चाहिए. नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड इन समस्याओं को बढ़ा सकता है, खासकर खाली पेट पीने पर.
कुछ रिसर्च बताती हैं कि यह पेप्सिन एंजाइम को एक्टिवेट कर सकता है, जिससे हार्टबर्न की समस्या बढ़ जाती है.नींबू एक नेचुरल ड्यूरेटिक है, यानी यह बार-बार यूरिन आने का कारण बन सकता है. अत्यधिक सेवन से शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है.
इसमें साइट्रिक एसिड के अलावा कुछ मात्रा में ऑक्सलेट भी होता है. बहुत ज्यादा नींबू का सेवन करने से कुछ व्यक्तियों में क्रिस्टल के रूप में ऑक्सलेट जमा हो सकता है, जिससे किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है.
कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि नींबू पानी का बहुत ज्यादा सेवन हड्डियों को कमजोर कर सकता हैहर चीज की तरह नींबू का भी सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर सलाह देते हैं कि उबलते या बहुत गर्म खाने में नींबू का रस न मिलाएं, क्योंकि विटामिन सी गर्मी के प्रति संवेदनशील होता है और उसके न्यूट्रिएंट्स कम हो सकते हैं. खाना पकने के बाद या हल्का ठंडा होने पर नींबू डालें.दाल या हरी सब्जियों में नींबू का रस मिलाने से आयरन और दूसरे न्यूट्रिएंट्स का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है और दाल पचने में भी आसान होती है.
नींबू बेशक एक हेल्दी और स्वादिष्ट इंग्रेडिएंट है, लेकिन इसका सोच-समझकर इस्तेमाल करना जरूरी है. अपनी बॉडी को सुनें और अगर कोई परेशानी महसूस हो तो एक्सपर्ट से सलाह लें.





