अहमदाबाद हादसा: कॉकपिट में हुई पायलटों की बातचीत का ऑडियो आया सामने, हादसे का कारण बनी ये वजह…..
12 जून को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के ठीक एक महीने बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी कर दी गई है

अहमदाबाद। अहमदाबाद से 12 जून 2025 को लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही हादसे का शिकार हो गई। इस त्रासदी में 260 लोगों की मौत हुई थी, जबकि एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश चमत्कारिक रूप से बच निकले। अब, एक महीने बाद एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसमें विमान के दोनों पायलटों के बीच कॉकपिट में हुई बातचीत का खुलासा हुआ है।
क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे फ्लाइट
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के दौरान विमान को को-पायलट क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे और कैप्टन सुमित सभरवाल निगरानी कर रहे थे। विमान जैसे ही 13:38:42 पर 180 नॉट्स की अधिकतम रफ्तार पर पहुंचा, दोनों इंजन अचानक बंद हो गए। इसके पीछे कारण था जन के फ्यूल कट-ऑफ स्विच का रन से कट-ऑफ पोज़िशन में आ जाना। इन स्विचों में एक सेकंड का अंतर था। इस पर एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “तुमने कटऑफ क्यों किया?” जवाब मिला, “मैंने नहीं किया।” हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कौन-सी आवाज किस पायलट की थी।
एटीसी से संदेश का नहीं मिला जवाब
इसके तुरंत बाद “मेडे, मेडे, मेडे” संदेश भेजा गया, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से कोई जवाब नहीं मिला। कुछ ही पलों में विमान हॉस्टल परिसर पर गिर गया, जिससे वहां मौजूद मेडिकल स्टूडेंट्स और डॉक्टरों की जान चली गई। जांच में सामने आया है कि फ्यूल कट-ऑफ स्विच को बंद करना एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है और यह केवल आपात स्थिति, जैसे इंजन में आग लगने पर ही किया जाता है। इन स्विचों को बंद करने के लिए जानबूझकर एक्शन लेना पड़ता है क्योंकि ये सेफ्टी कवच के अंदर होते हैं। सवाल उठता है कि क्या यह मानवीय भूल थी या किसी तकनीकी खामी का नतीजा।
AAIB ने 2018 की एक FAA चेतावनी का ज़िक्र किया, जिसमें फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म फेल होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि एयर इंडिया ने इससे जुड़ी कोई जांच नहीं करवाई थी। 2019 और 2023 में थ्रॉटल मॉड्यूल ज़रूर बदले गए, लेकिन इनका फ्यूल कंट्रोल से सीधा संबंध नहीं था।
रिपोर्ट पर एयर इंडिया ने ये कहा
एयर इंडिया ने इस रिपोर्ट पर कहा कि वह पीड़ित परिवारों के साथ है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है। कंपनी ने रिपोर्ट के विशेष विवरणों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है, लेकिन पुष्टि की है कि वह रिपोर्ट प्राप्त कर चुकी है। अब तक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा मानवीय चूक थी या किसी दुर्लभ तकनीकी खराबी का नतीजा। जांच जारी है और विस्तृत निष्कर्ष आने बाकी हैं।





