क्या आप जानते हैं ‘सोने पर सुहागा’ का असली मतलब? जानिए क्या है सुहागा और इसके चौंकाने वाले फायदे.

‘सोने पर सुहागा’ — यह कहावत आपने कई बार सुनी होगी। जब कोई अच्छा काम और भी बेहतर हो जाए तो यही कहा जाता है कि “अरे, ये तो सोने पर सुहागा हो गया!”
लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ये “सुहागा” होता क्या है? क्या इसका सच में सोने से कोई संबंध है? और क्या ये किसी काम आता भी है?
चलिए, आज इसी दिलचस्प विषय पर आपको सुहागा (Borax) के बारे में विस्तार से बताते हैं — इसके गुण, उपयोग और इससे जुड़ी कहावत का राज़।
सुहागा क्या होता है?
सुहागा एक सफेद रंग का, कठोर और क्रिस्टल की तरह दिखने वाला पदार्थ होता है। यह फिटकरी जैसा दिखाई देता है, लेकिन उसका स्वाद और गुण अलग होते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Borax कहते हैं। यह एक प्रकार का खनिज लवण होता है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सा, सोने की सफाई, और घरेलू उपचारों में किया जाता है।
कहावत में सुहागा का मतलब क्या है?
जब सोने को शुद्ध किया जाता है यानी उसे गर्म करके गलाया जाता है, तो उसमें सुहागा मिलाया जाता है। इससे सोने की अशुद्धियाँ अलग हो जाती हैं और शुद्ध सोना अलग चमकने लगता है।
इसी प्रक्रिया से यह कहावत निकली —
जब पहले से अच्छा कोई काम और बेहतर हो जाए, तो वह “सोने पर सुहागा” होता है।
कहां मिलता है सुहागा?
सुहागा आमतौर पर ज्वैलरी शॉप्स या पंसारी की दुकानों पर मिल जाता है।
यह पाउडर या क्रिस्टल के रूप में मिलता है और पानी में आसानी से घुलने वाला होता है।
इसमें कोई गंध नहीं होती, और इसका रंग पूरी तरह से सफेद होता है।
किन समस्याओं में होता है उपयोग?
कफ और खांसी – सुहागा को आयुर्वेदिक दवाओं में मिलाकर बलगम कम करने के लिए उपयोग किया जाता है।
पाचन संबंधी समस्या – गैस, पेट दर्द और अपच में फायदेमंद माना जाता है (डॉक्टर की सलाह से)।
त्वचा रोगों में – कभी-कभी फंगल इंफेक्शन या खुजली में सुहागे का इस्तेमाल किया जाता है।
नोट: सुहागा का सेवन या बाहरी उपयोग डॉक्टर या वैद्य की सलाह के बिना न करें, क्योंकि इसकी मात्रा और उपयोग का तरीका सही होना जरूरी है।





