क्या बारिश के मौसम में दही खाना सही है? जानिए सच और सावधानियां

मानसून
मानसून आते ही जहां मौसम सुहावना हो जाता है, वहीं खान-पान को लेकर कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं।
इन्हीं में से एक सवाल अक्सर घरों में उठता है—”क्या बारिश के मौसम में दही खाना चाहिए?”
कुछ लोग मानते हैं कि मानसून में दही खाने से सर्द-गर्म या पेट खराब हो सकता है, जबकि कुछ इसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाला मानते हैं।
तो चलिए जानते हैं कि सच क्या है, और इस मौसम में दही कैसे खाएं, ताकि सेहत को फायदा मिले न कि नुकसान।
दही में क्या होता है जो इसे हेल्दी बनाता है?
दही में होता है:
प्रोटीन
कैल्शियम
विटामिन B
प्रोबायोटिक्स (अच्छे बैक्टीरिया)
ये सभी तत्व पाचन को बेहतर, और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
गर्मियों में दही को ठंडक देने वाला माना जाता है, लेकिन मानसून में मामला थोड़ा अलग हो जाता है।
मानसून में दही को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार मानसून में वातावरण में अधिक नमी होती है, जिससे बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। अगर दही ताजा नहीं है, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं, जो गैस, अपच, या फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
कैसे खाएं दही मानसून में?
अगर आप दही खाना चाहते हैं, तो ये 5 बातें ज़रूर ध्यान में रखें:
ताजा दही खाएं – घर पर ताजे दूध से बनी दही उसी दिन सेवन करें
बाजार की पुरानी या पैक्ड दही से बचें
दोपहर में खाएं, रात में नहीं
दही में काली मिर्च या अदरक मिलाएं – इससे इसकी तासीर संतुलित होती है
दही को कमरे के तापमान पर आने के बाद खाएं – ठंडी दही से गला खराब हो सकता है
कढ़ी या रायता जैसे पके रूप में दही लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है
किन लोगों को मानसून में दही से बचना चाहिए?
जिन्हें सर्दी-जुकाम, एलर्जी, या पाचन संबंधी समस्याएं रहती हैं
बच्चों और बुजुर्गों को भी चिकित्सक की सलाह से ही सेवन करना चाहिए
यदि पहले से पेट खराब रहता है, तो दही से दूरी ही बेहतर है





