हिंदू आक्रोश रैली, धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ सड़कों पर लोग

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ हिंदू आक्रोश रैली का आयोजन किया गया।
यह रैली सर्व हिंदू समाज टास्क फोर्स के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें हजारों की संख्या में सनातन धर्मावलंबियों ने भाग लिया।

रैली में न केवल स्थानीय लोग बल्कि संत समाज, सामाजिक संगठन, महिला इकाइयां और युवाओं के समूह भी भारी संख्या में शामिल हुए।
रैली के आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति के अस्तित्व की लड़ाई है। वही संघ के सदस्यो ने कहा कि अगर सरकार अब भी नहीं चेती और धर्मांतरण तथा लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून नहीं बनाए गए तो आने वाले दिन हिंदू समाज के लिए अत्यंत भयावह हो सकते हैं। इस देश के बाहर हमारे लिए कोई दूसरा देश नहीं है। इसलिए यह लड़ाई हर सनातनी को एकजुट होकर लड़नी होगी..
रैली के दौरान ठाकुर राम सिंह, जो इस अभियान के प्रमुख आयोजकों में से एक हैं, उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी दी।
उनका कहना था कि जहां-जहां धर्मांतरण हुआ, वहां से हिंदू संस्कृति मिट गई। भारत में भी हिंदुओं का अंतिम आश्रयस्थल अब असुरक्षित होता जा रहा है।
रैली में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई कि केंद्र और राज्य सरकार धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानून लाए।
यह भी आरोप लगाए गए कि छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कथित ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण और मुस्लिम युवाओं द्वारा लव जिहाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में इससे पहले भी कई बार धर्मांतरण को लेकर विवाद हुए हैं और कई जगहों पर प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस जनाक्रोश को किस रूप में लेती हैं और क्या इन मुद्दों पर कोई सख्त कानून लाया जाएगा।





