वृक्षारोपण की जमीन पर महतारी सदन बनाने की तैयारी से ग्रामीणों में रोष

दगोरी, छत्तीसगढ़
दगोरी पंचायत के ग्रामीणों में जनपद सदस्य के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा है। ग्राम पंचायत दगोरी के भवानी चौक के पास स्थित वृक्षारोपण की लगभग ढाई एकड़ जमीन पर महतारी सदन निर्माण की योजना को लेकर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस जमीन को पहले ही वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित रखा गया है और वहां कई हरे-भरे पेड़ मौजूद हैं जिन्हें वे वर्षों से सहेजते आ रहे हैं। अब जनपद सदस्य राज कुमार साहू पर आरोप लग रहे हैं कि वे पंचायत में हस्तक्षेप करते हुए इस भूमि पर महतारी सदन निर्माण की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इस योजना के लिए पहले से ही दूसरी भूमि चिन्हित और स्वीकृत है।
ग्रामीणों ने बताया कि महतारी सदन के लिए जो वैकल्पिक जमीन तय की गई थी, वहां क्षेत्रीय विधायक भूमिपूजन भी कर चुके हैं, बावजूद इसके अब दूसरी जगह निर्माण कर पर्यावरण और वृक्षों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण बनाम सरकारी निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण की जमीन पर हरे पेड़ों की बलि देना सरकार की पर्यावरण नीतियों के खिलाफ है। एक ओर राज्य सरकार वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाने के अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर इस तरह की योजनाएं सरकारी नीतियों को पंगु बना रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि यदि यह जमीन महतारी सदन के लिए उपयोग की गई, तो आने वाले समय में इसे अन्य निजी या राजनीतिक लाभ के लिए भी बांटा जा सकता है, जिससे स्थानीय पर्यावरण और सामुदायिक संसाधनों को नुकसान पहुंचेगा।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की साफ मांग है कि:
महतारी सदन का निर्माण उसी स्थान पर किया जाए, जहाँ इसके लिए विधिवत भूमि आवंटित और भूमिपूजन किया गया है।
वृक्षारोपण की भूमि को छेड़ा न जाए और वहां के वृक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
जनपद सदस्य द्वारा किए जा रहे अनावश्यक हस्तक्षेप की जांच हो।
आगे की कार्रवाई?
फिलहाल प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।





