नई नवेली दुल्हन के भागने पर पूरे परिवार को भुगतनी पड़ी सज़ा, समाज ने किया बहिष्कार

बिलासपुर/बिल्हा।
बिल्हा विकासखंड के अकलतरी गांव में एक हैरान करने वाली सामाजिक घटना सामने आई है, जहां एक युवक की शादी के कुछ दिन बाद उसकी पत्नी किसी अन्य युवक के साथ भाग गई, और इसके चलते पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया।
पीड़ित देवी प्रसाद धीवर ने बताया कि उनके छोटे भाई की शादी एक युवती से हुई थी, जो महज आठ दिन ससुराल में रहने के बाद किसी और के साथ भाग गई। इस घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया। लेकिन बिना समाज के पदाधिकारियों को शामिल किए इस निर्णय से समाज के नेता नाराज़ हो गए और पीड़ित परिवार को सामाजिक बहिष्कार की सज़ा सुना दी गई।
पूरे परिवार पर टूटा सामाजिक बहिष्कार का कहर
देवी प्रसाद का आरोप है कि समाज के अध्यक्ष राजेन्द्र धीवर, सचिव पवन धीवर और कोषाध्यक्ष सतीश धीवर ने न केवल उनके परिवार से रोटी-बेटी का रिश्ता तोड़ने का एलान किया, बल्कि समाज के अन्य सदस्यों को भी इनसे संबंध समाप्त करने का निर्देश दे दिया।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि परिवार के बड़े भाई के निधन पर भी कोई समाजजन शोक संवेदना प्रकट करने नहीं आया। यह सामाजिक बहिष्कार अब मानसिक प्रताड़ना में तब्दील हो चुका है, जिससे पूरा परिवार लंबे समय से पीड़ित है।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचा पीड़ित, लगाई न्याय की गुहार
न्याय की आस में देवी प्रसाद धीवर ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर मामले की शिकायत की है। उन्होंने समाज के पदाधिकारियों पर अन्यायपूर्ण रवैये और सामाजिक कुरीति फैलाने का आरोप लगाया है।
सवाल उठता है – कब रुकेगा ये सामाजिक बहिष्कार?
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या आज भी समाज में कुरीतियों और परंपराओं के नाम पर लोगों को इस तरह प्रताड़ित करना जायज़ है? एक महिला के फैसले का खामियाज़ा एक निर्दोष परिवार को भुगतना पड़ा, जो अब सामाजिक और मानसिक रूप से बुरी तरह से टूट चुका है।





