मितानिन कार्यकर्ताओं ने मांगा मार्च और अप्रैल का बकाया मानदेय, आर्थिक तंगी से जूझ रहीं दीदीयां

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की मितानिन कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से मार्च और अप्रैल महीने का बकाया मानदेय जल्द भुगतान करने की मांग की है। मितानिन यूनियन का कहना है कि वे लगातार स्वास्थ्य से जुड़ा काम कर रही हैं, लेकिन वक्त पर मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मितानिन दीदियों ने बताया कि कभी-कभी उन्हें दो-तीन महीने बाद एक साथ मानदेय मिलता है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो जाता है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं और कई दीदियां कर्ज लेकर काम चला रही हैं।

यूनियन ने बताया कि सरकार ने ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के ज़रिए समय पर भुगतान का वादा किया था, लेकिन अब तक उन्हें पैसे नहीं मिले। हाल ही में हुए सात दिवसीय विशेष अभियान में भी मितानिनों को कोई भुगतान नहीं किया गया।

यूनियन का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार से फंड भेजे जाने के बावजूद राज्य स्तर पर वितरण नहीं हो पाया है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि:

मार्च और अप्रैल का मानदेय तुरंत दिया जाए

आगे से हर महीने की 6 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित किया जाए

ऑनलाइन पासबुक में भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे

मितानिन यूनियन ने सरकार से अपील की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर समय पर समाधान किया जाए, ताकि वे बिना तनाव के समाज सेवा जारी रख सकें।

 

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