हाईटेक बस स्टैंड से उजाड़े गए दुकानदारों को पुनः बसाने की गुहार….

बिलासपुर।
तिफरा हाईटेक बस स्टैंड क्षेत्र में वर्षों से फुटपाथ और नाली किनारे व्यवसाय कर रहे छोटे दुकानदारों को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ मुहिम के तहत उजाड़ दिया गया है। अब ये दुकानदार रोज़गार और परिवार के भरण-पोषण के संकट से जूझ रहे हैं और प्रशासन से पुनः बसाए जाने की मांग कर रहे हैं।

फुटपाथ से जीवन चलता था, अब संघर्ष ही संघर्ष
इन दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से छोटे-छोटे ठेले और दुकानें लगाकर अपनी आजीविका चला रहे थे। लेकिन नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण, नाली सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इनकी दुकानें हटा दी गईं। जिससे न सिर्फ इनका व्यापार बंद हुआ, बल्कि परिवार का गुजारा भी मुश्किल हो गया है।
प्रशासन से पुनर्वास की अपील
स्थानीय महिला गौरी विश्वकर्मा ने इस मुद्दे पर प्रशासन को आवेदन पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि उनके पति महेश विश्वकर्मा समेत 12–15 परिवार तिफरा क्षेत्र में रहते हैं और सड़क किनारे दुकान चलाकर ही जीवन यापन कर रहे थे। उन्होंने मांग की है कि बस स्टैंड परिसर में ही एक छोटा सा स्थान दिया जाए, जहां वे दोबारा अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें।
“सम्मानपूर्वक जीना है, भीख नहीं मांगना”
एक अन्य दुकानदार अब्दुल हमीम ने कहा, “हम सरकार से कोई सहायता नहीं मांग रहे हैं, बस इतना चाहते हैं कि हमें फिर से व्यापार करने का मौका मिले। ताकि हम अपने बच्चों का पेट भर सकें और सम्मानपूर्वक जिंदगी जी सकें।”
संवेदनशील मामला, जल्द निर्णय की मांग
स्थानीय लोगों और दुकानदारों की यही मांग है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में इंसानियत और संवेदना से काम ले। ऐसे गरीब परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना नगर निगम की सामाजिक ज़िम्मेदारी भी है।





