तेन्दूपत्ता बोनस घोटाला: सुकमा DFO सस्पेंड, 11 समिति प्रबंधक हटाए गए, ACB ने दर्ज किया केस

रायपुर: सुकमा जिले में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि (बोनस) के वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला वनमंडलाधिकारी (DFO) सुकमा को निलंबित कर दिया गया है और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है।
नकद भुगतान में हुई भारी अनियमितता
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 2021 और 2022 में कुल 7.85 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। कुछ संग्राहकों को यह राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई, लेकिन जिनके खाते नहीं थे, उन्हें नगद भुगतान करने की अनुमति दी गई थी। इसके लिए राशि जिला यूनियन को ट्रांसफर की गई थी।
हालांकि, 11 प्राथमिक वनोपज समितियों ने यह राशि संग्राहकों को नहीं बांटी। इन समितियों में शामिल हैं: सुकमा, फूलबगड़ी, दुब्बाटोटा, जगरगुण्डा, मिचीगुड़ा, बोड़केल, कोंटा, जग्गावरम, गोलापल्ली, किस्टाराम और पालाचलमा।
जिम्मेदारों पर गिरी गाज
DFO सुकमा निलंबित व गिरफ्तार
11 समितियों के प्रबंधकों को हटाया गया
समितियों के संचालक मंडल भंग
नोडल अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू
संग्राहकों की संख्या की हो रही जांच
जिन संग्राहकों को भुगतान नहीं मिला, उनकी असल संख्या की जांच की जा रही है। शासन का कहना है कि जैसे ही स्थिति स्पष्ट होगी, पात्र संग्राहकों को उनका हक दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





