अरशद मदनी का बड़ा बयान, कहा- हजारों सालों से बह रही हैं नदियां, उनका पानी कहां ले जाएंगे? यह आसान नहीं है..

नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद से इस दिनों भारत पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। जिसके बाद भारत ने सख्त रवैया अपनाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कुछ सख्त कदम उठाएं है जिसके तहत सिंधु नदी जल समझौता स्थगित कर दिया है। जिसे लेकर अब जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने एक बयान दिया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि, अगर कोई पानी रोकता है तो रोकने दो। ये नदियां हजारों सालों से बह रही हैं, आप उनका पानी कहां ले जाएंगे? यह आसान नहीं है। मुझे लगता है कि नियम प्यार का होना चाहिए, नफरत का नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, मैं मुसलमान हूं, मैं इसी देश में अपनी जिंदगी गुजार रहा हूं और मैं जानता हूं कि यहां जिन चीजों को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह देश के लिए ठीक नहीं है। ”
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि, ‘अगर इस नफरत की सियासत का दरवाजा खुला रहा तो देख लेना ऐसा दिन आ जाएगा कि, आपके लिए, मेरे लिए, हिंदू के लिए, मुसलमान के लिए, सांस लेना मुश्किल हो जाएगा और तब दुनिया कहेगी कि, मुसिबत से डरो। मुल्क प्यार और मोहब्बत से जिंदा रहता है, जिसने प्यार और मोहब्बत को आग लगा दी उसने अपने मुल्क को आग लगा दी।’ उनके इस बयान से अब सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है।
बता दें कि, पीएम मोदी ने साफ कहा है कि, पहलगाम के हमलावरों और उनके आकाओं को बख्शा नहीं जाएगा। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। इन सबके बीच विवादित बयान भी आने लगे।





