कर्ज वसूली अभियान: 6 जिलों के 11 हजार किसान बने कर्जदार, बैंक ने कसा शिकंजा

बिलासपुर: जिला सहकारी बैंक ने कर्ज न लौटाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। कृषि कर्ज के नाम पर बिना ब्याज के ऋण लेने के बावजूद कई किसान समय पर कर्ज नहीं चुका पाए। अब बैंक इन किसानों से कड़ी वसूली करेगा और पूरी राशि वापस दिलवाएगा।
बिलासपुर, जीपीएम, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती और कोरबा जिलों के करीब 11,306 किसानों ने पिछले दो सालों में कुल 39 करोड़ 28 लाख रुपये का कर्ज नहीं चुकाया है। इस कारण से बैंक ने इन किसानों को चिन्हित कर एक विशेष वसूली अभियान शुरू किया है।
बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सुनील सोढ़ी ने बताया कि बैंक ने अब तक करीब 99 प्रतिशत रिकवरी की है। हालांकि, 4 हजार से अधिक किसान ऐसे हैं जिन्होंने लोन नहीं चुकाया। उनकी वसूली की जा रही है। किसानों को कर्ज चुकाने के लिए मार्च तक का समय दिया गया था। इसके बाद, बैंक अब बकाया राशि के साथ वसूली करेगा। जो किसान अब भी कर्ज चुकता नहीं करेंगे, उनकी संपत्ति को कुर्क करने के लिए तहसीलदार से आवेदन किया जाएगा।
इस कड़े कदम से बैंक ने यह सुनिश्चित किया है कि किसान समय पर अपना कर्ज चुकाएं और भविष्य में कोई और किसान समय पर कर्ज चुकाने में लापरवाही न करे।





