26/11 हमलों के दोषी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को अमेरिका ने बताया न्याय की दिशा में अहम कदम

11 अप्रैल 2025:अमेरिका ने 2008 में मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को न्याय की दिशा में एक “महत्वपूर्ण कदम” बताया है। इस हमले में मारे गए छह अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। अमेरिका का कहना है कि राणा का प्रत्यर्पण न केवल पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सहायक होगा, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को भी मजबूती देगा।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि राणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं जो उसकी संलिप्तता को दर्शाते हैं। राणा पर आरोप है कि उसने पाकिस्तानी आतंकवादी डेविड हेडली की मदद की, जिसने हमलों की योजना में अहम भूमिका निभाई थी। अमेरिका ने यह भी कहा कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
तहव्वुर राणा इस समय अमेरिका में हिरासत में है और वहां की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी है। अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भारत ने लंबे समय से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी और उसे न्याय के कटघरे में लाने के लिए लगातार दबाव बनाया था।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि राणा का प्रत्यर्पण एक सशक्त संदेश है कि आतंकी हमलों में शामिल कोई भी व्यक्ति कानून से नहीं बच सकता, चाहे वह कहीं भी हो। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि यह पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
26/11 के हमले भारत पर सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक थे, जिसने दुनिया को आतंकवाद की गंभीरता का एहसास कराया। राणा का प्रत्यर्पण इस दिशा में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।





