किसानों की पहली पसंद बना धान, जल संकट और समर्थन मूल्य की कमी के बावजूद भी रकबा कम नहीं

बिलासपुर: जल संकट और समर्थन मूल्य पर खरीदी न होने के बावजूद भी किसानों की पहली पसंद धान ही बना हुआ है। रवि सीजन में भी धान की बोनी बड़े पैमाने पर की जा रही है। बिलासपुर जिले में इस बार ग्रीष्मकालीन धान के लिए 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से अब तक 11 हजार हेक्टेयर में बोनी पूरी हो चुकी है। यानी कुल लक्ष्य का 87 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
जल संकट के बावजूद नहीं घटी धान की खेती
इस बार बिलासपुर, बिल्हा, तखतपुर, मस्तुरी और कोटा ब्लॉक में भू-जल स्तर 30 से 40 फीट तक नीचे चला गया है। कई जगहों पर बोरिंग फेल हो चुके हैं या पानी बहुत नीचे चला गया है। इसके बावजूद भी किसानों ने धान की फसल को ही प्राथमिकता दी है। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पीडी हथकेश्वर के मुताबिक, किसानों ने धान के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में दलहन और तिलहन की भी खेती शुरू की है, लेकिन धान का रकबा अब भी सबसे ज्यादा है।
निजी सिंचाई साधनों से कर रहे खेती
फिलहाल खेतों में सिंचाई निजी संसाधनों के माध्यम से हो रही है। सरकारी सहायता की सीमाएं होते हुए भी किसान अपने दम पर खेती कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी भी प्रकार के कीट प्रकोप की शिकायत नहीं मिली है। इससे किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।





