जानिए कौन है रेणुका, जिसकी मौत से नक्सलियों को लगा बड़ा झटका

रायपुर। हाल ही में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के बॉर्डर पर सुरक्षाबल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया… इस मुठभेड़ में जवानों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया…जिसकी पहचान गुम्मादिवेली रेणुका उर्फ बानु के रूप में की गई…. जो नक्सली संगठन की ही एक लीडर है.. और रेणुका के सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था.. लेकिन पर सिर्फ 25 लाख रुपए का इनाम नहीं थी… 25 लाख रुपए तो सिर्फ बीजापुर में ही घोषित था… रेणुका पर तेलंगाना में भी इनाम था.. जो 20 लाख रुपए का था… इस लिहाज़ से रेणुका के उपर कुल 45 लाख रुपए का ईनाम था…
कौन है रेणुका
रेणुका उर्फ बानु जिसे, चैते, सरस्वती और दमयंती जैसे उपनामों से भी जाना जाता था… रेणुका तेलंगाना के वारंगल में कदवंडी गांव की निवासी थीं… और वो DKSZC यानि कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल की कमेटी की मेंबर थी… जिसे माओवादियों का सबसे मजबूत संगठन माना जाता है.. और रेणुका इसमें एक वरिष्ठ नक्सली कैडर थी….साथ ही प्रेस टीम प्रभारी भी थी.. जो संगठन के प्रेस से जुड़े कामों को संभालती थी… इसके अलावा रेणुका ने LLB की पढ़ाई की थी.. और साल 1996 से प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानि की माओवादी संगठन में सक्रिय थी…
रेणुका कैसे बनी MJDC की सदस्य
वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी के दिए गए जानकारी के अनुसार, रेणुका ने साल 1996 में नक्सल संगठन JOIN किया… और साल 2003 में वो डिवीजनल कमेटी सदस्य यानि कि DVCM के पद पर पदोन्नत हुई… उसने आंध्र प्रदेश में विशेष क्षेत्रीय समिति यानि कि SJDC के सदस्य कृष्णा अन्ना, केंद्रीय समिति के सदस्य दुला दादा और एसजेडसी सदस्य रमन्ना जैसे वरिष्ठ माओवादियों के साथ काम किया था। जब ” साल 2020 में, रमन्ना की कोविड-19 के कारण मृत्यु हो गई… उसके बाद रेणुका को MJDC के सदस्य के रूप में पदोन्नत किया गया और CRB की प्रेस टीम का प्रभारी बनाया गया…
देशभर के माओवाद संगठन की थी प्रेस इंचार्ज
रेणुका की शादी साल 2005 में केंद्रीय समिति के सदस्य शंकमुरी अप्पाराव उर्फ रवि से हुई… जो साल 2010 में आंध्र प्रदेश में हुए एक मुठभेड़ में ढेर हो गया था… वहीं रेणुका का भाई जीवी प्रसाद उर्फ गुडसा उसेंडी.. भी नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था.. और SJDC का सदस्य था… हालांकि, उसने साल 2014 में तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया था… वहीं रेणुका ने LLB की पढ़ाई की थी… और लिखने-पढ़ने में अव्वल भी थी.. जिसके चलते नक्सलियों ने उसे देशभर में माओवाद संगठन का प्रेस टीम इंचार्ज बनाया थ.. जिसमें रेणुका नक्सल संगठन के लिए दस्तावेज तैयार करने का काम करती थी… ये नक्सलियों के प्रेस टीम की देशभर में सबसे बड़ी लीडर थी… और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती भी… जो हाल ही में नक्सल एनकाउंटर में मारी गई…
कैसे हुआ रेणुका का एनकाउंटर
दरअसल पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मुठभेड़ में मारी गई रेणुका, तेलंगाना के वारंगल जिले की रहने वाली थी…वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल की प्रेस टीम प्रभारी और स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य थी… सुरक्षाबल के जवानों को इनपुट मिला था कि सरहदी इलाके में नक्सली मौजूद हैं… जिसके बाद जवानों की अलग-अलग टीम सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान सोमवार को नक्सलियों ने जवानों की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया.. और इसी फायरिंग के दौरान रेणुका ढेर हो गई…
नक्सल संगठनों के लिए है एक बड़ा झटका
रेणुका 5 राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र में मोस्ट वांटेड नक्सली थी…और कई तरह के हथियार चलाने में माहिर भी थी.. इसके अलावा रेणुका, क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल थी… वो अन्य. कई तौर-तरीकों से नक्सिली अभियान जारी रखे हुए थी.., उसके पास से इंसास रायफल के अलावा लैपटॉप, हार्ड डिस्कस और अन्यक चीजें भी बरामद की गई है…. रेणुका की मौत से नक्सल संगठनों के लिए एक बड़ा झटका है… और सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है… रेणुका कई नक्सली गतिविधियों में शामिल थी और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा खतरा थी….





