महामाया मंदिर रतनपुर में भक्तों की भीड़, 23 हजार ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित

महामाया मंदिर रतनपुर:चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी रतनपुर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मां महामाया महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली के रूप में यहां विराजमान हैं। भक्तों की आस्था है कि जो भी यहां माता के दर्शन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां जुटे हैं।
23 हजार ज्योतिकलश माता के दरबार में प्रज्ज्वलित
मां महामाया को छत्तीसगढ़ की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। नवरात्रि के अवसर पर पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ज्योतिकलश अर्पित करते हैं। इस वर्ष माता के दरबार में 23 हजार ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं। इसके अलावा नगर रक्षक भैरव बाबा के मंदिर में भी एक हजार ज्योतिकलश जलाए गए हैं, जो भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाते हैं।
भक्तिमय हुआ रतनपुर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से रतनपुर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। भक्त देवी के चरणों में शीश झुकाकर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मां महामाया की कृपा से हर वर्ष यहां नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस आयोजन से रतनपुर की आध्यात्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाती है।
श्रद्धालुओं के विचार
मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भक्तों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। भक्त अजय शुक्ला ने कहा कि यहां आकर उन्हें अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। भैरव बाबा मंदिर के पुजारी पंडित जागेश्वर अवस्थी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो जाता है।





