गर्मी में जंगलों में आग का खतरा, रेलवे ने की सख्त मॉनिटरिंग

गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पेड़ों की सूखी पत्तियों में आग लगने की घटना सामने आई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया। हालांकि, ट्रेन चालक और रेलवे के सेक्शन विभाग की सतर्कता से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी जरूर है।

हर साल होती हैं ऐसी घटनाएं

हर साल गर्मी में जंगलों में आग लगने की घटनाएं होती हैं, खासकर पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच के इलाके में। इस बार भी रेलवे ट्रैक के किनारे आग लगने से रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया है। जंगलों में सूखे पत्ते और तेज गर्मी आग को भड़काने का काम करते हैं। अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया जाए, तो यह बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

रेलवे ने दिए मॉनिटरिंग के निर्देश

रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ट्रैक किनारे के इलाकों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हर साल इस समस्या पर चर्चा तो होती है, लेकिन इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। वन विभाग और रेलवे मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर जोर दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रेलवे ट्रैक के आसपास नियमित रूप से सफाई की जाए और जंगलों में आग रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं, तो ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि वे जंगल में आग फैलाने वाले कारणों से बचें।

रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों के चालकों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि अगर कहीं भी आग लगती है, तो तुरंत उस पर काबू पाया जा सके।

 

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