कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते मामलों के प्रति किया जा रहा जागरूक

भारत में कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच, अपोलो कैंसर सेंटर्स ने “कॉल फिट” नामक एक व्यापक कोलोरेक्टल कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य कोलोरेक्टल कैंसर की शुरुआती चरणों में पहचान करना और उसके रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय प्रदान करना है।
कॉल फिट प्रोग्राम का उद्देश्य: कॉल फिट प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य जीवन प्रत्याशा दर को सुधारना, उपचार की लागत को कम करना, और कोलोरेक्टल कैंसर के प्रति भ्रांतियों एवं डर को दूर करना है। कोलोरेक्टल कैंसर को शुरुआती चरणों में पहचानने पर इसे रोका जा सकता है और उपचार योग्य बनाया जा सकता है।
शुरुआत में निदान क्यों जरूरी है: कोलोरेक्टल कैंसर को यदि शुरुआती चरणों में पहचाना जाए, तो इसे आसानी से रोका जा सकता है और समय पर उपचार किया जा सकता है। लेकिन यदि इसे अनदेखा किया जाए और यह एडवांस स्टेज तक पहुंच जाए, तो जीवन प्रत्याशा में कमी आ सकती है और उपचार की लागत अत्यधिक बढ़ जाती है।
समय पर पहचान और प्रभावी रोकथाम: कॉल फिट प्रोग्राम सुनिश्चित करता है कि रोग की शुरुआत में ही सही समय पर पहचान की जाए, जिससे जल्दी उपचार और प्रभावी रोकथाम संभव हो सके। इससे कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कॉल फिट प्रोग्राम में शामिल होइए: कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव के लिए शुरुआती स्क्रीनिंग बेहद महत्वपूर्ण है। कॉल फिट प्रोग्राम में शामिल होकर आप इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए पहला कदम उठा सकते हैं।





