छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति

रायपुर, 24 मार्च – छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने स्मरण किया कि भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था और संयोगवश इसका रजत जयंती वर्ष उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।
लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं हुई हैं, जिससे हमारी संसदीय संस्कृति समृद्ध हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सोच के अनुरूप हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में “पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम” आयोजित किया गया था, जिससे नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि हुई।
विधानसभा अध्यक्ष का संबोधन
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल भी विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने स्व-अनुशासन की परंपरा स्थापित की है, जिससे पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत हुआ है।
विधानसभा की ऐतिहासिक उपलब्धियां
डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए गए, जो समावेशी विकास के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नवीन भवन में स्थानांतरित होगी।
विपक्ष का समर्थन और राज्यपाल का विमोचन
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी उपस्थिति ऐतिहासिक है और इससे हमें प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति को इसकी प्रथम प्रति भेंट की।





