नासा की बोइंग स्टारलाइनर की अगली उड़ान होगी बिना क्रू के, जानें क्यों लिया गया ये फैसला

नासा एक बार फिर बोइंग स्टारलाइनर की दूसरी उड़ान की तैयारी कर रहा है, लेकिन इस बार ये मिशन पहले से बहुत अलग होने वाला है। खास बात यह है कि इस उड़ान में कोई भी अंतरिक्ष यात्री शामिल नहीं होगा। नासा ने यह फैसला पिछले मिशन में आई तकनीकी समस्याओं के कारण लिया है, जिसके चलते अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को करीब 9 महीनों तक अंतरिक्ष में ही फंसे रहना पड़ा था।
क्यों लिया गया ये फैसला?
पिछला बोइंग स्टारलाइनर मिशन केवल 8 दिनों के लिए प्लान किया गया था। लेकिन, तकनीकी खराबियों के कारण यह मिशन लगभग 9 महीनों तक खिंच गया। नासा के अनुसार, लॉन्चिंग के बाद ही बोइंग स्टारलाइनर में हीलियम लीक हो गया था और कई थ्रस्टर्स भी काम करना बंद कर चुके थे। हालांकि, इसके बावजूद अंतरिक्ष यान ने यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचाने में सफलता पाई।
नासा के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने बताया कि इन समस्याओं के कारण अब नासा ने फैसला किया है कि अगली उड़ान बिना क्रू के होगी। उनका कहना है कि जब तक सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक चालक दल वाले मिशन को रोक दिया गया है।
स्टिच ने कहा कि अगला मिशन पूरी तरह से परीक्षण के तौर पर आयोजित किया जाएगा। इसमें खास तौर पर प्रोपल्शन सिस्टम (प्रणोदन प्रणाली) में किए गए बदलावों को जांचा जाएगा। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि थ्रस्टर ठीक से काम कर रहे हैं और हीलियम लीक जैसी समस्याएं दोबारा न हों।
उन्होंने कहा, “हम जो करना चाहते हैं, वह यह है कि एक उड़ान के बाद हम क्रू रोटेशन उड़ान में शामिल हो जाएं। इसलिए, अगली उड़ान में सभी बदलावों का परीक्षण किया जाएगा और उसके बाद ही बोइंग स्टारलाइनर को क्रू रोटेशन के लिए उपयोग किया जाएगा।”
सफल होने पर क्या होगा खास?
अगर यह परीक्षण मिशन सफल होता है, तो नासा बोइंग स्टारलाइनर को ISS के लिए नियमित मिशनों के लिए सर्टिफाइड कर सकेगा। अभी के समय में नासा मुख्य रूप से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान का उपयोग करके चालक दल और कार्गो को ISS तक ले जा रहा है।
नासा की इस नई रणनीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई भी अंतरिक्ष यात्री तकनीकी खराबियों के कारण अंतरिक्ष में न फंसे। अगर यह परीक्षण उड़ान सफल होती है, तो नासा के पास स्पेसएक्स के अलावा बोइंग स्टारलाइनर के रूप में एक और विकल्प उपलब्ध होगा, जो अंतरिक्ष मिशनों को और भी सुरक्षित और कुशल बना सकता है।





